सफाई कर्मचारियों ने कहा- अब आश्वासन नहीं:हाथ में चाहिए लिखित आदेश;गुरुवार से सफाई और पानी सप्लाई ठप करने का ऐलान

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी त्योहारों से पहले शिवपुरी नगर पालिका में सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर गहरा गया है।

बुधवार को नगर पालिका में पीआईसी की आपात बैठक करीब दो घंटे तक चली। बैठक में सफाई कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगों—नियमितीकरण, विनियमितीकरण और पदोन्नति—पर सहमति बनने का दावा किया गया। हालांकि, बैठक के बाद कर्मचारियों को सहमति से संबंधित हस्ताक्षरित लिखित प्रति नहीं मिल सकी, जिसके बाद मामला फिर बिगड़ गया।

सफाई कर्मचारी संगठन ने आरोप लगाया कि जब तक सहमति का लिखित दस्तावेज नहीं दिया जाता, तब तक वे हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। संगठन ने ऐलान किया है कि गुरुवार से सफाई के साथ पानी सप्लाई का काम भी पूरी तरह बंद किया जाएगा।

दो घंटे की बैठक के बाद भी नहीं निकला समाधान
सफाई कर्मचारियों की मांगों और लगातार बढ़ते विवाद को देखते हुए बुधवार दोपहर करीब 12 बजे नगर पालिका में पीआईसी की आपात बैठक बुलाई गई।
 
बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा, सीएमओ यशवंत राठौर सहित संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक में कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई। करीब दो घंटे की चर्चा के बाद तीनों प्रस्तावों को मंजूरी देकर संबंधित जेडी कार्यालय भेजने पर सहमति बनने की बात सामने आई।

दोपहर करीब 2 बजे नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से बताया गया कि प्रस्ताव भेज दिए गए हैं और मंजूरी मिलने के बाद उन्हें लागू किया जाएगा।

लेकिन कर्मचारियों की मांग थी कि जिस सहमति पर बैठक में चर्चा हुई है, उसकी हस्ताक्षरित प्रति उन्हें तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि भविष्य में मांगों को लेकर कोई भ्रम या विवाद न रहे।

शाम तक लिखित प्रति नहीं मिली तो बढ़ा विवाद
कर्मचारियों के अनुसार, शाम करीब 5 बजे तक उन्हें प्रस्तावों की हस्ताक्षरित कॉपी नहीं मिली। संगठन का आरोप है कि उन्हें कभी बिजली नहीं होने तो कभी प्रिंट की व्यवस्था नहीं होने की बात कहकर इंतजार कराया जाता रहा।

कर्मचारियों का कहना है कि वे केवल मौखिक आश्वासन पर भरोसा नहीं कर सकते। उनका तर्क है कि यदि तीनों मांगों पर सहमति बनी है तो उसका लिखित दस्तावेज देने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।

यही बात बुधवार शाम तक विवाद का मुख्य कारण बन गई और बैठक के बाद एक बार फिर सफाई कर्मचारी विरोध में नजर आए।

‘आश्वासन की पुड़िया अब नहीं लेंगे’

सफाई कर्मचारी संगठन के नेता मनोज लाहोरी ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले भी कर्मचारियों को आश्वासन दिए गए, लेकिन मांगों का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

लाहोरी के मुताबिक, “हम बिना लिखित कागज के सहमति कैसे दे दें?” उनका कहना है कि कर्मचारियों को अब केवल आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि स्पष्ट लिखित आदेश चाहिए।

संगठन ने इसी आधार पर गुरुवार से काम पूरी तरह बंद करने की घोषणा की है। इसमें सफाई व्यवस्था के साथ पानी सप्लाई प्रभावित करने की चेतावनी भी दी गई है।

नगर पालिका अध्यक्ष बोलीं- तीनों बिंदुओं पर सहमति बनी

नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने कर्मचारियों के रुख पर कहा कि बैठक में सभी प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की गई और तीनों मांगों को लेकर प्रस्ताव पारित किए गए।
उन्होंने कहा कि वह स्वयं अस्वस्थ होने के बावजूद बैठक में शामिल हुईं और कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा की। अध्यक्ष के अनुसार, कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करने के लिए भी कहा गया था।

हालांकि, कर्मचारियों की ओर से लिखित दस्तावेज की मांग के कारण हड़ताल समाप्त नहीं हो सकी।

सीएमओ ने कहा- अधिकारियों को पत्र देने के निर्देश दिए

नगर पालिका के सीएमओ यशवंत राठौर ने कहा कि पीआईसी की आपात बैठक जल्द समाधान निकालने के उद्देश्य से बुलाई गई थी। उनके अनुसार, संबंधित अधिकारियों को लिखित पत्र देने के निर्देश दिए जा चुके थे।

लेकिन कर्मचारियों की ओर से लिखित प्रति तत्काल उपलब्ध कराने की मांग और प्रशासन की प्रक्रिया के बीच सहमति नहीं बन सकी।

पहले भी उठ चुका है विवाद

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और उनकी मांगों का मुद्दा पिछले दिनों भी शिवपुरी में प्रमुखता से सामने आया था। कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनी थी।

अब एक बार फिर विवाद गहराने से त्योहारों से पहले शहर की सफाई व्यवस्था और पेयजल सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। यदि कर्मचारी गुरुवार से पूरी तरह काम बंद करते हैं, तो नगर पालिका के सामने शहर की सफाई और पानी की व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती हो सकती है।

टाइमलाइन: बैठक से हड़ताल तक

12 बजे: पीआईसी की आपात बैठक शुरू हुई।

1 बजे: करीब दो घंटे की चर्चा के बाद तीनों मांगों पर सहमति की बात सामने आई।

2 बजे: प्रस्ताव जेडी कार्यालय भेजे जाने की जानकारी दी गई।
5 बजे: कर्मचारियों ने हस्ताक्षरित प्रति मांगी, लेकिन उन्हें दस्तावेज उपलब्ध नहीं हुआ।

इसके बाद: कर्मचारी संगठन ने लिखित आदेश मिलने तक हड़ताल जारी रखने का फैसला किया।

गुरुवार से: सफाई और पानी सप्लाई का काम पूरी तरह बंद करने का ऐलान।

अब सवाल- लिखित आदेश कब मिलेगा?

बुधवार की बैठक के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब तीन प्रमुख मांगों पर सहमति की बात सामने आ चुकी है, तो कर्मचारियों को उसका लिखित दस्तावेज कब मिलेगा?

फिलहाल कर्मचारी अपने रुख पर कायम हैं और नगर पालिका प्रशासन समाधान का दावा कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में लिखित आदेश और कर्मचारियों की हड़ताल के बीच क्या रास्ता निकलता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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