खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी शहर के वार्ड नंबर-10 स्थित कृष्णपुरम कॉलोनी में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर शनिवार को विवाद खड़ा हो गया। बिजली कंपनी के कर्मचारी कॉलोनी में पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे तो कुछ रहवासियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।कॉलोनीवासियों का आरोप है कि कई घरों में उनकी सहमति लिए बिना मीटर बदलने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर कर्मचारियों की ओर से बिजली कनेक्शन काटने और बिजली चोरी का प्रकरण दर्ज कराने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
मामला बढ़ने के बाद कॉलोनी के लोग एकजुट हो गए और स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। इसके बाद मामला अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत तक पहुंचा। शिकायत के आधार पर ग्राहक पंचायत ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग की है।
मीटर बदलने से पहले मांगा आदेश और टेस्ट रिपोर्ट
कॉलोनीवासियों के मुताबिक, शनिवार को बिजली कंपनी के कर्मचारी और स्मार्ट मीटर लगाने वाली एजेंसी से जुड़े लोग कृष्णपुरम कॉलोनी पहुंचे थे। कर्मचारियों ने कुछ घरों के पुराने मीटर हटाकर नए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू की।
इस दौरान रहवासियों ने कर्मचारियों से सवाल किया कि मीटर बदलने का आदेश किस आधार पर जारी किया गया है? लोगों ने मीटर की गुणवत्ता और उसकी जांच से संबंधित टेस्ट रिपोर्ट भी दिखाने की मांग की।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि जब उन्होंने मीटर बदलने से पहले संबंधित दस्तावेज और टेस्ट रिपोर्ट मांगी तो स्थिति को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
महिला ने मीटर बदलने से किया इनकार, विवाद बढ़ा
कृष्णपुरम निवासी वंदना नामदेव, पत्नी तुलसी नामदेव, ने अपने घर का मीटर बदलने से इनकार कर दिया। वंदना का आरोप है कि मीटर बदलने से मना करने पर उन्हें बिजली कनेक्शन काटने की धमकी दी गई।
उनका यह भी आरोप है कि विरोध करने पर बिजली चोरी का मामला दर्ज कराने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में जेल भेजने की बात कही गई। इसके बाद आसपास के लोग भी मौके पर एकत्रित हो गए और उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।
हालांकि, बिजली कंपनी से जुड़े ठेकेदार पक्ष के सुमित चौरसिया का कहना है कि सभी गृहस्वामियों से पूछकर ही मीटर बदले जा रहे हैं। वहीं कॉलोनीवासियों ने इस दावे पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कई घरों में बिना स्पष्ट सहमति के मीटर बदलने का प्रयास किया गया।
‘कुछ घरों में मीटर क्यों नहीं बदला गया?’
विरोध के दौरान कॉलोनीवासियों ने एक और सवाल खड़ा किया। लोगों का आरोप है कि कॉलोनी में पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा था, लेकिन एक नेता के घर का मीटर नहीं बदला गया।
रहवासियों ने सवाल किया कि यदि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया सभी उपभोक्ताओं के लिए है तो फिर कुछ घरों को इससे अलग क्यों रखा जा रहा है? इसी मुद्दे को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखी गई।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि बिजली कंपनी को पहले उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी देनी चाहिए और मीटर बदलने की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता रखनी चाहिए।
वंदना ने ग्राहक पंचायत में पहुंचाई शिकायत
विवाद के बाद कृष्णपुरम निवासी वंदना नामदेव ने अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह रघुवंशी को लिखित शिकायत दी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी के कर्मचारियों द्वारा उनके घर पर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए दबाव बनाया गया।
वंदना ने शिकायत में कथित धमकियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मीटर बदलने का विरोध करने पर उन्हें कनेक्शन काटने, बिजली चोरी का केस दर्ज कराने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में जेल भेजने की बात कही गई।
उन्होंने लगाए गए स्मार्ट मीटर को हटाने और पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। ग्राहक पंचायत ने सांसद और ऊर्जा मंत्री को भेजा पत्र मामले को लेकर ग्राहक पंचायत भी सक्रिय हो गई है।
संगठन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह रघुवंशी, सचिव दाताराम प्रजापति, कोषाध्यक्ष संदीप मिश्रा और पूर्व जिलाध्यक्ष अखिलेश शर्मा ने मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए संबंधित जनप्रतिनिधियों को पत्र भेजा है।
ग्राहक पंचायत ने सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन को पत्र भेजकर उपभोक्ताओं की शिकायत पर ध्यान देने की मांग की है।
संगठन का आरोप है कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना पुराने मीटर बदले जा रहे हैं और विरोध करने पर कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई की धमकी दी जा रही है।
उपभोक्ता अधिकारों का हवाला, आंदोलन की चेतावनी
ग्राहक पंचायत ने विद्युत नियामक आयोग के निर्देशों और उपभोक्ता अधिकारों का हवाला देते हुए कहा है कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में उपभोक्ताओं की शिकायतों और अधिकारों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
संगठन ने मांग की है कि दबाव बनाकर स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए, उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी दी जाए और जिन लोगों ने शिकायत की है, उनकी समस्याओं का उचित निराकरण किया जाए।
ग्राहक पंचायत ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उपभोक्ताओं के साथ मिलकर आंदोलन का रास्ता अपना सकता है।
अब जांच और जवाब का इंतजार
कृष्णपुरम कॉलोनी में स्मार्ट मीटर को लेकर उठे विवाद ने बिजली कंपनी की मीटर बदलने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर कंपनी से जुड़े ठेकेदार का कहना है कि गृहस्वामियों की सहमति से ही मीटर बदले जा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ उपभोक्ता बिना सहमति कार्रवाई और कथित धमकी के आरोप लगा रहे हैं।
अब पूरे मामले में बिजली कंपनी और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ता बनाम बिजली कंपनी का विवाद तूल पकड़ता नजर आ रहा है, और ग्राहक पंचायत ने मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दे दी है।
शिवपुरी फर्स्ट की नजर इस पूरे मामले में होने वाली आगामी कार्रवाई और बिजली विभाग के आधिकारिक जवाब पर बनी रहेगी।