खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी शहर के देहात थाना क्षेत्र में वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कब्रिस्तान के पास वन भूमि पर लंबे समय से बनी झोपड़ियों को हटाने के लिए राजस्व, वन विभाग, आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम अपने साथ जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंची और कार्रवाई शुरू होते ही वन भूमि पर बने करीब 8 से 10 कच्चे आवासों/झोपड़ियों को हटाकर अतिक्रमण साफ कराया।
कार्रवाई के दौरान मौके से कच्ची शराब भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। आबकारी विभाग की टीम ने शराब को जब्त करते हुए मामले में आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई।
शिकायतों के बाद हरकत में आया प्रशासन
जानकारी के अनुसार, कब्रिस्तान के पास स्थित वन भूमि पर बाहर से आए कुछ कंजर परिवारों द्वारा झोपड़ियां बनाकर रहने की शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं। शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया था कि यहां कुछ लोग बाहर से कच्ची शराब लाकर बेचने के साथ अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्त हैं।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्जा या अवैध गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसी के तहत कार्रवाई के लिए राजस्व, वन, आबकारी और पुलिस विभाग की टीम एक साथ मौके पर पहुंची।
जेसीबी पहुंची तो एक-एक कर ढहने लगीं झोपड़ियां
कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन की मदद से वन भूमि पर बनी झोपड़ियों को हटाया गया। देखते ही देखते करीब 8 से 10 झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर मौजूद टीम ने अतिक्रमण हटाने के साथ यह भी सुनिश्चित किया कि वन भूमि को दोबारा कब्जे में लेने की कोशिश न हो।
झोपड़ियां हटाने के बाद वहां मौजूद सामान को ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से हटाया गया। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
संयुक्त टीम की मौजूदगी और जेसीबी की कार्रवाई के चलते मौके पर काफी हलचल रही। कार्रवाई पूरी होने के बाद वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।
झोपड़ियों के बीच मिली कच्ची शराब
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान आबकारी विभाग की टीम को मौके से कच्ची शराब भी मिली। शराब मिलने के बाद आबकारी अमले ने उसे जब्त कर लिया। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि शराब किसकी थी और इसे कहां से लाकर यहां रखा या बेचा जा रहा था।
प्राथमिक कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अब विभाग द्वारा जब्त शराब और मौके से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि वन भूमि पर अवैध कब्जे के साथ यदि अवैध शराब का कारोबार भी चल रहा था, तो इसकी जानकारी संबंधित विभागों तक पहले क्यों नहीं पहुंची और ऐसे अतिक्रमण कितने समय से मौजूद थे।
चार विभाग एक साथ उतरे मैदान में
इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि इसमें केवल एक विभाग नहीं बल्कि चार अलग-अलग विभागों की संयुक्त टीम शामिल रही। राजस्व विभाग ने भूमि संबंधी कार्रवाई में भूमिका निभाई, वन विभाग ने अपनी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया, आबकारी विभाग ने कच्ची शराब के मामले में कार्रवाई की और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई को अवैध कब्जे और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
अतिक्रमण पर प्रशासन का सख्त रुख
वन भूमि पर अतिक्रमण का मामला केवल जमीन पर कब्जे तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे पर्यावरण और सरकारी भूमि की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। ऐसे में प्रशासन द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है।
देहात थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई के बाद अब प्रशासन की नजर इस बात पर भी रहेगी कि हटाए गए स्थान पर दोबारा झोपड़ियां या अन्य अस्थायी निर्माण खड़े न किए जाएं। यदि दोबारा अतिक्रमण करने की कोशिश होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
कच्ची शराब के कारोबार पर भी शिकंजा
मौके से कच्ची शराब मिलने के बाद आबकारी विभाग के सामने अब यह जांच भी महत्वपूर्ण होगी कि शराब का निर्माण या भंडारण कहां किया जा रहा था और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जा रहा था। विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई से वन भूमि से 8 से 10 झोपड़ियां हट चुकी हैं और मौके से मिली कच्ची शराब जब्त की जा चुकी है। संयुक्त टीम की कार्रवाई ने अतिक्रमण और अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन की सख्ती का संदेश दिया है।
अब देखना यह होगा कि इस कार्रवाई के बाद वन भूमि दोबारा अतिक्रमण से सुरक्षित रह पाती है या नहीं और कच्ची शराब के मामले की जांच में आबकारी विभाग के हाथ कौन-कौन से चेहरे लगते हैं।