खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर शनिवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। लुकवासा बायपास पर जगन्नाथ होटल के पास तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार तीन लोगों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने घायलों को संभाला और घटना की सूचना पुलिस को दी।
हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार दो अन्य लोग घायल हुए हैं। दोनों घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं हादसे के बाद कार चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस को घटनास्थल से कार की टूटी हुई नंबर प्लेट मिली है। अब यही नंबर प्लेट पुलिस के लिए फरार कार और उसके चालक तक पहुंचने का अहम सुराग बन गई है।
जमीन के काम से लौट रहे थे तीनों
जानकारी के अनुसार बदरवास थाना क्षेत्र के सांडर गांव निवासी भूरा उर्फ चंद्रभान यादव, मुकेश शर्मा और रामकुमार शर्मा शनिवार को बाइक से कोलारस तहसील गए थे। बताया गया है कि तीनों जमीन से जुड़े किसी काम के सिलसिले में कोलारस पहुंचे थे।
तहसील में अपना काम पूरा करने के बाद तीनों एक ही बाइक से वापस बदरवास की ओर लौट रहे थे। शाम के समय जब वे लुकवासा बायपास पर जगन्नाथ होटल के पास पहुंचे, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
अचानक हुई टक्कर से बाइक का संतुलन बिगड़ गया और तीनों सड़क पर जा गिरे। हादसे में तीनों को गंभीर चोटें आईं।
टक्कर के बाद मौके पर मची चीख-पुकार
हादसे के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को सड़क से उठाकर मदद पहुंचाने का प्रयास किया। इसी बीच घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
घायलों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल शिवपुरी भेजा गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने भूरा उर्फ चंद्रभान यादव को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजनों में मातम छा गया।
वहीं हादसे में घायल मुकेश शर्मा और रामकुमार शर्मा को भी चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार दोनों को फ्रैक्चर हुआ है और उनका जिला अस्पताल में उपचार जारी है।
हादसा कर भाग निकला कार चालक
सबसे बड़ा सवाल यह है कि तीन लोगों को सड़क पर घायल छोड़ने के बाद कार चालक आखिर कहां फरार हो गया। हादसे के बाद कार चालक मौके पर नहीं रुका और वाहन लेकर वहां से निकल गया।
हालांकि भागने के दौरान कार का एक महत्वपूर्ण सुराग मौके पर छूट गया। पुलिस को घटनास्थल से कार की टूटी हुई नंबर प्लेट मिली है। पुलिस ने नंबर प्लेट को अपने कब्जे में लेकर उसके आधार पर वाहन की पहचान करने की कवायद शुरू कर दी है।
पुलिस अब नंबर प्लेट के आधार पर कार के रजिस्ट्रेशन और वाहन मालिक की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसे के समय कार कौन चला रहा था।
टूटी नंबर प्लेट से खुलेगा फरार चालक का राज?
सड़क हादसे के बाद पुलिस के हाथ लगी टूटी नंबर प्लेट इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है। आमतौर पर हादसे के दौरान वाहन का कोई हिस्सा या नंबर प्लेट टूटकर मौके पर गिर जाए तो उससे वाहन तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिल सकती है।
इसी आधार पर पुलिस अब कार की तलाश में जुटी है। आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांच के दायरे में आ सकती है, ताकि हादसे के बाद कार किस दिशा में गई, इसका पता लगाया जा सके।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कार किसके नाम पर दर्ज है और हादसे के समय वाहन में कौन मौजूद था।
NH-46 पर फिर उठे सुरक्षा को लेकर सवाल
राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर लुकवासा बायपास के पास हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार वाहनों के कारण हाईवे पर अक्सर हादसों का खतरा बना रहता है।
खासकर बाइक सवारों के लिए पीछे से आने वाले तेज रफ्तार वाहन गंभीर खतरा साबित हो सकते हैं।
इस हादसे में भी तीन लोग बाइक पर सवार होकर लौट रहे थे और पीछे से आई कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि दो लोग अस्पताल पहुंच गए।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलने के बाद लुकवासा चौकी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं और टूटी नंबर प्लेट को जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाया है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता फरार कार और उसके चालक को तलाशना है। इसके लिए वाहन की पहचान से लेकर हादसे के समय चालक की भूमिका तक की जांच की जा रही है।
एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया, दो लोग अस्पताल में जिंदगी और चोट के बीच जूझ रहे हैं और हादसा करने वाला चालक अभी फरार है। अब पुलिस की जांच की निगाह उस टूटी नंबर प्लेट पर टिकी है, जो संभवतः फरार कार चालक तक पहुंचने का सबसे बड़ा सुराग साबित हो सकती है।