शराब दुकान बंद कराने निकले ग्रामीणों को पुलिस ने रोका:नाराज होकर सड़क पर बैठे

Nikk Pandit
0
खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले के नावली गांव में सरकारी शराब दुकान को बंद कराने की मांग को लेकर रविवार शाम ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन उस समय सड़क तक पहुंच गया, जब शराब दुकान के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे ग्रामीणों को पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। पुलिस द्वारा रोके जाने से नाराज ग्रामीणों ने खोड़-सिरसौद मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक सड़क पर यातायात प्रभावित रहा।

हालांकि, स्थिति को बिगड़ने से पहले पुलिस ने ग्रामीणों से संवाद कायम किया और उन्हें पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया समझाई। खोड़ चौकी प्रभारी संजय लोधी ने ग्रामीणों को समझाते हुए बताया कि संबंधित शराब दुकान सरकारी है और उसके संचालन एवं स्थान परिवर्तन को लेकर निर्धारित नियम और प्रक्रिया है। पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीण सड़क से हट गए और वापस गांव लौट गए।

शराब दुकान बंद कराने के लिए निकले थे ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, नावली गांव के कुछ पुरुष और महिलाएं गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर सिरसौद थाना क्षेत्र में संचालित सरकारी शराब दुकान को बंद कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने के लिए निकल रहे थे।

ग्रामीण शराब दुकान को गांव के आसपास संचालित किए जाने का विरोध कर रहे थे। उनका उद्देश्य दुकान बंद कराने की मांग को प्रशासन तक पहुंचाना था। इसी बीच पुलिस को ग्रामीणों के प्रदर्शन के लिए आगे बढ़ने की जानकारी मिली।

सूचना मिलते ही खोड़ चौकी प्रभारी संजय लोधी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों को नावली मोड़ के पास मंदिर के सामने रोक लिया।

पुलिस की ओर से ग्रामीणों को रोकने का उद्देश्य स्थिति को नियंत्रित रखना और सड़क पर किसी तरह की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने से रोकना बताया गया।

रास्ते में रोकने से भड़का आक्रोश, सड़क पर बैठ गए ग्रामीण

पुलिस द्वारा प्रदर्शन के लिए आगे जाने से रोके जाने के बाद ग्रामीण नाराज हो गए। देखते ही देखते ग्रामीण सड़क पर बैठ गए और उन्होंने शराब दुकान बंद कराने की अपनी मांग को लेकर विरोध शुरू कर दिया।

ग्रामीणों के सड़क पर बैठने के कारण खोड़-सिरसौद मार्ग पर यातायात रुक गया। दोनों ओर वाहनों की कतार लगने लगी और करीब एक घंटे तक सड़क पर चक्काजाम की स्थिति बनी रही।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों से सड़क खाली करने की अपील की। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया कि अपनी मांग को संबंधित अधिकारियों के समक्ष नियमानुसार रखा जा सकता है, लेकिन ग्रामीण तत्काल अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं थे।

पुलिस ने दिखाई सूझबूझ, बातचीत से सुलझाया मामला
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सख्ती के बजाय समझाइश और संवाद का रास्ता अपनाया। चौकी प्रभारी संजय लोधी ने ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें शराब दुकान के संबंध में लागू नियमों की जानकारी दी।

पुलिस की ओर से ग्रामीणों को बताया गया कि यह कोई निजी तौर पर संचालित दुकान नहीं है, बल्कि सरकारी शराब दुकान है। इसके संचालन और स्थान परिवर्तन के लिए शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है। यदि ग्रामीणों को दुकान के स्थान को लेकर आपत्ति है तो वे अपनी शिकायत संबंधित विभाग और प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने भी स्थिति को समझा और सड़क से हटने पर सहमति जताई।
करीब एक घंटे तक चले विरोध के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ और यातायात सामान्य हो गया।

थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता

पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से देखा जा रहा है। ग्रामीण अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन करने जा रहे थे, वहीं पुलिस के सामने सड़क पर भीड़ एकत्र होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति थी।

ऐसे में पुलिस ने ग्रामीणों को आगे जाने से रोककर मौके पर ही बातचीत का प्रयास किया। इसके बाद जब ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर चक्काजाम किया तो पुलिस ने उन्हें समझाकर हटाने का प्रयास जारी रखा।

चौकी प्रभारी संजय लोधी ने ग्रामीणों के साथ बातचीत करते हुए उन्हें उनकी मांग के लिए उचित प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाने की जानकारी दी। इसी समझाइश के बाद मामला बिना किसी बड़े विवाद के शांत हो गया।

न दुकान पर तोड़फोड़, न कोई बड़ा विवाद—समझाइश से खत्म हुआ प्रदर्शन

रविवार शाम हुए इस घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति किसी बड़े विवाद में तब्दील नहीं हुई। ग्रामीण करीब एक घंटे तक सड़क पर बैठे रहे, लेकिन पुलिस की मौजूदगी और लगातार समझाइश के बाद उन्होंने चक्काजाम समाप्त कर दिया।

ग्रामीणों की मांग शराब दुकान को बंद कराने या उसके स्थान को लेकर है। इस मांग पर अंतिम निर्णय संबंधित आबकारी विभाग एवं प्रशासन द्वारा नियमों के अनुसार लिया जाना है। पुलिस का काम मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी अप्रिय स्थिति को रोकना था।

ग्रामीणों की मांग अब प्रशासन के दरबार में

चक्काजाम समाप्त होने के बाद ग्रामीण अपने गांव लौट गए। अब शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों की शिकायत और मांग प्रशासन एवं संबंधित विभाग के सामने रखे जाने की संभावना है।

इस पूरे घटनाक्रम में खोड़ चौकी प्रभारी संजय लोधी और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और बातचीत के जरिए चक्काजाम समाप्त कराया। यदि पुलिस मौके पर समय रहते नहीं पहुंचती तो विरोध और यातायात की स्थिति आगे भी बिगड़ सकती थी।

फिलहाल नावली में शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी कायम है, लेकिन रविवार को उत्पन्न हुआ सड़क जाम पुलिस की समझाइश के बाद शांतिपूर्वक समाप्त हो गया। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की मांग पर संबंधित प्रशासन और आबकारी विभाग की ओर से आगे क्या निर्णय लिया जाता है।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)