खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी शहर के एक हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लेकर छात्रों ने गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने कलेक्टर के पास पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी और अधीक्षक पर हॉस्टल की सफाई व्यवस्था, भोजन तथा छात्रों के साथ व्यवहार को लेकर कई आरोप लगाए। छात्रों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर व्यवस्थाओं में सुधार कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में उन्हें जिन सुविधाओं और व्यवस्थाओं की आवश्यकता है, वे पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। शिकायत में विशेष रूप से हॉस्टल परिसर में गंदगी, नियमित सफाई नहीं होने, भोजन की गुणवत्ता और नाश्ता नहीं मिलने जैसे मुद्दे उठाए गए हैं।
सफाई को लेकर छात्रों की शिकायत
छात्रों ने कलेक्टर को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि हॉस्टल में नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं कराई जाती। परिसर में गंदगी बनी रहती है और सफाई व्यवस्था को लेकर कई बार शिकायत करने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
छात्रों का आरोप है कि जब उन्होंने हॉस्टल की सफाई कराने की बात कही तो उन्हें कथित तौर पर खुद सफाई करने के लिए कहा गया। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें शौचालय तक स्वयं साफ करने के लिए कहा जाता है।
छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों का मुख्य उद्देश्य अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना है। ऐसे में यदि मूलभूत सुविधाओं और साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं रहती है, तो इसका सीधा असर उनके दैनिक जीवन और पढ़ाई पर पड़ता है।
खाने की गुणवत्ता पर भी उठाए सवाल
शिकायत में हॉस्टल में मिलने वाले भोजन को लेकर भी छात्रों ने सवाल उठाए हैं। छात्रों के मुताबिक उन्हें नियमित रूप से केवल भोजन दिया जाता है, जबकि नाश्ता उपलब्ध नहीं कराया जाता।
छात्रों ने खाने की गुणवत्ता को लेकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भोजन की गुणवत्ता और पर्याप्तता बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हें अपनी पढ़ाई और दिनचर्या के लिए उचित खान-पान की आवश्यकता होती है।
छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि हॉस्टल में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और निर्धारित व्यवस्था की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी देखा जाए कि छात्रों को नियमों के अनुसार भोजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं या नहीं।
अधीक्षक की पत्नी पर भी लगाए आरोप
छात्रों ने अपनी शिकायत में हॉस्टल अधीक्षक की पत्नी के व्यवहार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का आरोप है कि उनके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की जाती है।
छात्रों ने प्रशासन से इस शिकायत की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए और किसी भी प्रकार की अभद्रता की स्थिति में उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
हालांकि, इन सभी आरोपों पर संबंधित हॉस्टल अधीक्षक या उनकी पत्नी का पक्ष इस शिकायत में सामने नहीं आया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अनुसूचित जाति आयोग के निर्देश का भी हवाला
छात्रों ने अपने आवेदन में अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव के निर्देश का भी उल्लेख किया है। छात्रों का कहना है कि आयोग के अध्यक्ष की ओर से भी अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा गया था, लेकिन उनके अनुसार अभी तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच केवल शिकायत के आधार पर नहीं, बल्कि हॉस्टल की वास्तविक व्यवस्थाओं का मौके पर निरीक्षण कर की जाए।
छात्रों ने कलेक्टर से क्या मांग की?
छात्रों ने कलेक्टर को दिए आवेदन में हॉस्टल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कई मांगें रखी हैं। इनमें नियमित साफ-सफाई, शौचालयों की स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण भोजन और नाश्ते की व्यवस्था प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके अलावा छात्रों ने उनके साथ कथित अभद्र व्यवहार की भी जांच कराने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल उनके रहने और पढ़ने का स्थान है, इसलिए वहां ऐसा वातावरण होना चाहिए जहां वे बिना किसी परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
छात्रों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति
हॉस्टल को लेकर छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायत के रूप में सामने आए हैं। अब प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सफाई, भोजन और व्यवहार से संबंधित आरोपों में कितनी सच्चाई है। यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई और हॉस्टल की व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद है।