खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले के सतनवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम ठेह में पत्नी पर चाकू से हमला करने के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस घटना में पति ने गांव के तीन लोगों पर पत्नी पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया था, पुलिस की जांच में वही कहानी झूठी निकली। पुलिस के अनुसार, पत्नी पर चाकू से हमला किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके पति घनश्याम वाल्मीकि ने ही किया था।
पुलिस ने जांच के बाद घनश्याम वाल्मीकि को आरोपी बनाया और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
तीन लोगों पर लगाया था गंभीर आरोप
पुलिस के मुताबिक, ग्राम ठेह निवासी 65 वर्षीय घनश्याम वाल्मीकि ने 19 सितंबर को सतनवाड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया था कि 18-19 सितंबर की रात वह अपनी पत्नी लीला वाल्मीकि के साथ टपरिया में सो रहा था।
घनश्याम ने पुलिस को बताया था कि रात के समय मकरारा गांव के राजकुमार वाल्मीकि, उसके पिता कालू वाल्मीकि और दो अन्य लोग चाकू लेकर वहां पहुंचे। आरोप था कि इन लोगों ने उसकी पत्नी लीला पर चाकू से हमला कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगालना शुरू किया।
एसपी के निर्देश पर शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आगे बढ़ाई गई। एसपी के निर्देश पर सुभाषपुरा थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जांच टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही घटना के समय आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। पुलिस का फोकस इस बात पर था कि शिकायत में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी मौके पर मौजूदगी थी या नहीं और घटना वास्तव में किस तरह हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने कई लोगों के बयान दर्ज किए। इसी दौरान सामने आए गवाहों के बयानों ने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
गवाहों के बयानों से पुलिस को मिला अहम सुराग
पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर को एक गवाह ने पुलिस को बताया कि उसने घटना होते हुए देखी थी। इसके अलावा अन्य गवाहों ने भी पुलिस को घटना से जुड़ी जानकारी दी।
बताया गया कि कुछ लोग घटना के बारे में पहले पुलिस को जानकारी देने से डर रहे थे। पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने के बाद उन्होंने घटना के संबंध में अपने बयान दर्ज कराए।
गवाहों के बयानों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस को शिकायत में लगाए गए आरोपों पर संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता घनश्याम वाल्मीकि को थाने बुलाकर पूरे मामले को लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में सामने आई अलग कहानी
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान घनश्याम ने घटना को लेकर ऐसी जानकारी दी, जिससे पुलिस के सामने पूरा मामला स्पष्ट हो गया।
पुलिस का कहना है कि घनश्याम ने बताया कि शादी के बाद से ही उसका अपनी पत्नी लीला के साथ विवाद होता रहता था। घटना वाली रात भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। घनश्याम के अनुसार, पत्नी ने उसे खाना नहीं दिया था, जिससे वह गुस्से में आ गया।
आरोप है कि इसी गुस्से में घनश्याम ने अपनी पत्नी पर चाकू से हमला कर दिया। बाद में खुद को बचाने के लिए उसने पुलिस के सामने गांव के अन्य लोगों पर हमला करने का आरोप लगा दिया।
दूसरों को फंसाने की कोशिश का पुलिस ने किया खुलासा
शुरुआत में मामला तीन लोगों पर हमले के आरोप के रूप में सामने आया था। शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। लेकिन जैसे-जैसे गवाहों के बयान और अन्य तथ्य सामने आते गए, पुलिस को शिकायत की कहानी में विरोधाभास नजर आने लगे।
पूछताछ के बाद पुलिस ने घनश्याम वाल्मीकि को ही पत्नी पर चाकू से हमला करने का आरोपी माना। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजा
पुलिस ने कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी घनश्याम वाल्मीकि को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
इस मामले में पुलिस की जांच ने यह स्पष्ट किया कि शुरुआती शिकायत में जिन लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया गया था, पुलिस जांच के दौरान मामला अलग निकला। फिलहाल पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है।
Shivpuri First की खास रिपोर्ट
शिवपुरी में पत्नी पर चाकू से हमले के मामले में पुलिस का बड़ा खुलासा—शिकायतकर्ता पति ही निकला आरोपी, खाना नहीं मिलने से नाराज होकर हमला करने का आरोप। तीन लोगों पर लगाया था झूठा आरोप।