शिवपुरी का सीवर प्रोजेक्ट ‘फेल’:सिंधिया ने जताई नाराजगी;बोले—अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की होगी जांच

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी शहर की लंबे समय से चली आ रही सीवर समस्या को लेकर शनिवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के तेवर सख्त नजर आए। शिवपुरी दौरे के दौरान कलेक्ट्रेट में दिशा समिति की बैठक में जिले के विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा करने के बाद पत्रकार वार्ता में उन्होंने शहर की सीवर व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की। सिंधिया ने करीब 115 करोड़ रुपये की सीवर योजना को विफल बताते हुए अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच की बात कही। 

सिंधिया के मुताबिक, मामले की कोर्ट और ईओडब्ल्यू स्तर पर समीक्षा/जांच की जाएगी। साथ ही शहर की सीवर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए अब नए सिरे से योजना तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा। 

करोड़ों खर्च हुए, फिर भी शहर की समस्या बरकरार
शिवपुरी की सीवर व्यवस्था लंबे समय से शहरवासियों के लिए परेशानी का विषय बनी हुई है। इसी मुद्दे को लेकर सिंधिया ने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्था और वर्तमान परियोजना की स्थिति की समीक्षा के बाद आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

उन्होंने संकेत दिया कि नई सीवर योजना के लिए मध्य प्रदेश की सक्षम एजेंसी से नई डीपीआर यानी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी। इसका उद्देश्य शहर की सीवर समस्या का दीर्घकालिक समाधान निकालना होगा। 

दशहरे तक पुरानी सीवर लाइन फिर दौड़ाने की तैयारी

शहरवासियों को तत्काल राहत देने के लिए सिंधिया ने पुरानी सीवर लाइन को फिर से उपयोग में लेने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि रियासतकाल में माधव महाराज के समय शिवपुरी में करीब 15 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई गई थी। इसमें से लगभग 7 किलोमीटर हिस्सा अभी भी उपयोग में है। उनका निर्देश है कि पुरानी लाइन के जिन हिस्सों में चोक होने या सफाई की समस्या है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए। 

इसके लिए पीएचई अपने पांच तकनीशियन नगर पालिका को उपलब्ध कराएगा, जबकि इन तकनीशियनों से संबंधित खर्च नगर पालिका द्वारा उठाया जाएगा। लक्ष्य रखा गया है कि दशहरे तक करीब 7 से 8 किलोमीटर पुरानी सीवर लाइन को साफ कर दोबारा चालू किया जाए। 

यानी नई व्यवस्था तैयार होने में समय लगे, उससे पहले पुरानी लाइन के जरिए शहर के प्रभावित हिस्सों को तत्काल राहत देने की कोशिश की जाएगी।

नई सीवर योजना की कमान MPUDC को मिलने की संभावना

नई सीवर योजना को लेकर भी दिशा समिति की बैठक में मंथन हुआ। सिंधिया ने कहा कि कलेक्टर और अधिकारियों के सुझाव के आधार पर मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (MPUDC) से चर्चा की जाएगी।
प्रस्ताव यह है कि MPUDC नई डीपीआर तैयार करने के साथ-साथ परियोजना की क्रियान्वयन एजेंसी की भूमिका भी निभाए। सिंधिया ने कहा कि वह भोपाल स्तर पर भी इस दिशा में प्रयास करेंगे, ताकि शिवपुरी की सीवर समस्या का स्थायी समाधान तेजी से निकाला जा सके।

इस बीच मध्य प्रदेश के सरकारी ई-टेंडर पोर्टल पर शिवपुरी नगर पालिका क्षेत्र के लिए AMRUT 2.0 के तहत Sewerage Project का टेंडर भी दर्ज है, जिसमें नई सीवर नेटवर्क व्यवस्था, मौजूदा नेटवर्क का आकलन और GIS मैपिंग जैसे काम शामिल हैं। 

नशे के कारोबार और भूमाफियाओं पर भी सख्त रुख
सीवर के साथ-साथ पत्रकार वार्ता में जिले में नशे के कारोबार और भूमाफिया से जुड़े मुद्दे भी उठे। सिंधिया ने ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई करने की बात कही और संकेत दिया कि इसकी शुरुआत शिवपुरी शहर से की जाएगी। 

उन्होंने दिशा समिति की बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।

अब नजर दशहरे के लक्ष्य पर

शिवपुरी की सीवर समस्या पर सिंधिया के बयान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि दशहरे तक पुरानी सीवर लाइन के 7 से 8 किलोमीटर हिस्से को वास्तव में कितना दुरुस्त किया जा पाता है।

एक ओर पुराने सीवर नेटवर्क को तत्काल राहत के तौर पर दोबारा उपयोग में लाने की तैयारी है, तो दूसरी ओर नई डीपीआर और नई सीवर योजना के जरिए स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाने की बात कही गई है।
फिलहाल सिंधिया के निर्देशों के बाद नगर पालिका और पीएचई के सामने पुरानी सीवर लाइन को समय सीमा में दुरुस्त करने की चुनौती है। वहीं प्रस्तावित जांच से यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि पूर्व सीवर परियोजना में किन स्तरों पर अनियमितताएं हुईं और जांच के बाद क्या कार्रवाई सामने आती है। 

शिवपुरी की जनता अब सीवर के नारकीय हालात से राहत और जांच के नतीजे—दोनों का इंतजार कर रही है।

सिंधिया के मुताबिक, मामले की कोर्ट और ईओडब्ल्यू स्तर पर समीक्षा/जांच की जाएगी। साथ ही शहर की सीवर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए अब नए सिरे से योजना तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।

करोड़ों खर्च हुए, फिर भी शहर की समस्या बरकरार
शिवपुरी की सीवर व्यवस्था लंबे समय से शहरवासियों के लिए परेशानी का विषय बनी हुई है। इसी मुद्दे को लेकर सिंधिया ने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली

पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्था और वर्तमान परियोजना की स्थिति की समीक्षा के बाद आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

उन्होंने संकेत दिया कि नई सीवर योजना के लिए मध्य प्रदेश की सक्षम एजेंसी से नई डीपीआर यानी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी। इसका उद्देश्य शहर की सीवर समस्या का दीर्घकालिक समाधान निकालना होगा।

दशहरे तक पुरानी सीवर लाइन फिर दौड़ाने की तैयारी
शहरवासियों को तत्काल राहत देने के लिए सिंधिया ने पुरानी सीवर लाइन को फिर से उपयोग में लेने का लक्ष्य रखा है

उन्होंने बताया कि रियासतकाल में माधव महाराज के समय शिवपुरी में करीब 15 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई गई थी। इसमें से लगभग 7 किलोमीटर हिस्सा अभी भी उपयोग में है। उनका निर्देश है कि पुरानी लाइन के जिन हिस्सों में चोक होने या सफाई की समस्या है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए। 

इसके लिए पीएचई अपने पांच तकनीशियन नगर पालिका को उपलब्ध कराएगा, जबकि इन तकनीशियनों से संबंधित खर्च नगर पालिका द्वारा उठाया जाएगा। लक्ष्य रखा गया है कि दशहरे तक करीब 7 से 8 किलोमीटर पुरानी सीवर लाइन को साफ कर दोबारा चालू किया जाए। 

यानी नई व्यवस्था तैयार होने में समय लगे, उससे पहले पुरानी लाइन के जरिए शहर के प्रभावित हिस्सों को तत्काल राहत देने की कोशिश की जाएगी।

नई सीवर योजना की कमान MPUDC को मिलने की संभावना

नई सीवर योजना को लेकर भी दिशा समिति की बैठक में मंथन हुआ। सिंधिया ने कहा कि कलेक्टर और अधिकारियों के सुझाव के आधार पर मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (MPUDC) से चर्चा की जाएगी।
प्रस्ताव यह है कि MPUDC नई डीपीआर तैयार करने के साथ-साथ परियोजना की क्रियान्वयन एजेंसी की भूमिका भी निभाए। सिंधिया ने कहा कि वह भोपाल स्तर पर भी इस दिशा में प्रयास करेंगे, ताकि शिवपुरी की सीवर समस्या का स्थायी समाधान तेजी से निकाला जा सके। 

इस बीच मध्य प्रदेश के सरकारी ई-टेंडर पोर्टल पर शिवपुरी नगर पालिका क्षेत्र के लिए AMRUT 2.0 के तहत Sewerage Project का टेंडर भी दर्ज है, जिसमें नई सीवर नेटवर्क व्यवस्था, मौजूदा नेटवर्क का आकलन और GIS मैपिंग जैसे काम शामिल हैं।

नशे के कारोबार और भूमाफियाओं पर भी सख्त रुख

सीवर के साथ-साथ पत्रकार वार्ता में जिले में नशे के कारोबार और भूमाफिया से जुड़े मुद्दे भी उठे। सिंधिया ने ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई करने की बात कही और संकेत दिया कि इसकी शुरुआत शिवपुरी शहर से की जाएगी। 

उन्होंने दिशा समिति की बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।

अब नजर दशहरे के लक्ष्य पर

शिवपुरी की सीवर समस्या पर सिंधिया के बयान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि दशहरे तक पुरानी सीवर लाइन के 7 से 8 किलोमीटर हिस्से को वास्तव में कितना दुरुस्त किया जा पाता है।

एक ओर पुराने सीवर नेटवर्क को तत्काल राहत के तौर पर दोबारा उपयोग में लाने की तैयारी है, तो दूसरी ओर नई डीपीआर और नई सीवर योजना के जरिए स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाने की बात कही गई है।

फिलहाल सिंधिया के निर्देशों के बाद नगर पालिका और पीएचई के सामने पुरानी सीवर लाइन को समय सीमा में दुरुस्त करने की चुनौती है। वहीं प्रस्तावित जांच से यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि पूर्व सीवर परियोजना में किन स्तरों पर अनियमितताएं हुईं और जांच के बाद क्या कार्रवाई सामने आती है। 

शिवपुरी की जनता अब सीवर के नारकीय हालात से राहत और जांच के नतीजे—दोनों का इंतजार कर रही है।
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