खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले के कोलारस वन क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक दादा ने अपने नाती की जान बचाने के लिए जंगली सियार से ही मोर्चा ले लिया। सोमवार रात घर के बाहर नाती के साथ टहल रहे 54 वर्षीय ग्रामीण पर अचानक सियार ने हमला कर दिया।
सियार ने ग्रामीण के हाथ और पैर में काट लिया। इसके बाद वह उनके नाती की ओर झपटा। नाती पर खतरा मंडराता देख घायल दादा ने बिना अपनी जान की परवाह किए सियार को पैर से दबोच लिया और शोर मचाकर मदद के लिए आवाज लगाई। इसी बीच उनका बेटा लाठी लेकर मौके पर पहुंचा और सियार पर हमला कर दिया। लाठी के वार से सियार की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना तेंदुआ थाना क्षेत्र के रामराई गांव की बताई जा रही है। सियार के हमले में घायल ग्रामीण को परिजन तत्काल कोलारस स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार किया गया।
खाना खाने के बाद नाती के साथ निकले थे टहलने
परिजनों के मुताबिक, रामराई गांव निवासी नकटू राम धाकड़ सोमवार रात करीब 8 बजे खाना खाने के बाद अपने नाती के साथ घर के बाहर टहल रहे थे। रात का समय होने के कारण आसपास अपेक्षाकृत सन्नाटा था।
इसी दौरान अचानक एक सियार वहां पहुंचा और नकटू राम पर झपट पड़ा। अचानक हुए हमले से वह संभल पाते, इससे पहले सियार ने उनके हाथ और पैर में काट लिया। हमले के कारण ग्रामीण घायल हो गए।
लेकिन खतरा यहीं खत्म नहीं हुआ।
दादा को घायल करने के बाद नाती पर झपटा सियार
नकटू राम पर हमला करने के बाद सियार ने उनके नाती की तरफ भी झपटने की कोशिश की। नाती को अपनी ओर आता देखकर दादा के सामने उस समय अपनी चोट से ज्यादा बच्चे की सुरक्षा की चिंता थी।
नकटू राम ने हिम्मत दिखाते हुए सियार को अपने पैर से दबा लिया। घायल होने के बावजूद उन्होंने सियार को नाती तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की और जोर-जोर से शोर मचाकर परिवार के लोगों को बुलाया।
अचानक हुए इस हमले और चीख-पुकार से आसपास के लोग भी सकते में आ गए।
बेटे ने लाठी उठाई और मौके पर पहुंचा
नकटू राम की आवाज सुनकर उनके बेटे संतोष धाकड़ मौके पर पहुंचे। सामने पिता को घायल हालत में देखकर उन्होंने तुरंत लाठी उठाई और सियार पर हमला कर दिया।
संतोष ने लाठी से सियार पर कई वार किए। लाठी लगने के बाद सियार की मौके पर ही मौत हो गई। इस तरह दादा ने नाती को सियार से बचाया, जबकि बेटे ने मौके पर पहुंचकर अपने पिता और बच्चे को सुरक्षित करने के लिए सियार को काबू करने की कोशिश की।
घटना के बाद परिवार में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
हाथ-पैर में काटने से घायल हुए ग्रामीण
सियार के हमले में नकटू राम के हाथ और पैर में चोट आई है। घटना के बाद परिजन उन्हें तत्काल कोलारस स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उनका उपचार किया।
परिजनों के मुताबिक, हमले के दौरान नकटू राम ने अपनी चोट की परवाह किए बिना नाती को बचाने पर ध्यान दिया। यही वजह रही कि वह सियार के सामने डटे रहे और उसे नाती तक पहुंचने से रोकने में कामयाब हुए।
वन क्षेत्र से सटे गांवों में बढ़ा जंगली जानवरों का खतरा?
रामराई गांव का क्षेत्र वन इलाके से जुड़ा हुआ है। ऐसे में ग्रामीणों के बीच जंगली जानवरों की मौजूदगी को लेकर चिंता बनी रहती है। रात के समय घरों के बाहर निकलने वाले ग्रामीणों के लिए इस तरह की घटनाएं खतरे का कारण बन सकती हैं।
इस घटना के बाद गांव में भी सियार के हमले की चर्चा रही। ग्रामीणों में इस बात को लेकर चिंता है कि कहीं आसपास और जंगली जानवर सक्रिय तो नहीं हैं।
हालांकि, इस घटना के आधार पर क्षेत्र में जंगली जानवरों की संख्या या उनकी लगातार मौजूदगी को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए वन विभाग की ओर से क्षेत्र का निरीक्षण और आवश्यक जानकारी जुटाना महत्वपूर्ण होगा।
नाती को बचाने में दादा खुद हो गए घायल
इस पूरी घटना में सबसे भावुक पहलू यह रहा कि सियार के हमले में खुद घायल होने के बावजूद नकटू राम ने अपने नाती को खतरे में देखकर पीछे हटने के बजाय उसका बचाव किया। उन्होंने सियार को पैर से दबाकर रोकने की कोशिश की और मदद के लिए शोर मचाया।
कुछ ही देर में बेटा संतोष मौके पर पहुंचा और लाठी से सियार पर हमला किया। इसके बाद नाती को बचाया जा सका और घायल नकटू राम को अस्पताल पहुंचाया गया।
फिलहाल नकटू राम का उपचार जारी है। घटना ने गांव में लोगों को सतर्क कर दिया है। खासकर रात के समय वन क्षेत्र से लगे इलाकों में अकेले या छोटे बच्चों के साथ निकलने को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
रामराई गांव की यह घटना एक तरफ जंगली जानवर के अचानक हमले की गंभीरता दिखाती है, तो दूसरी तरफ एक दादा द्वारा अपने नाती को बचाने के लिए दिखाई गई हिम्मत भी सामने लाती है। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर संबंधित विभाग क्या कदम उठाता है।