शिवपुरी। नगर पालिका परिषद शिवपुरी के वार्ड 19 में जिम उपकरणों की खरीदी को लेकर पार्षदों की शिकायत पर की गई प्रशासनिक जांच पूरी हो गई है। संयुक्त जांच टीम ने निविदा प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और मौके पर उपलब्ध जिम सामग्री का परीक्षण किया। जांच रिपोर्ट में कार्यादेश में दर्ज सामग्री और मौके पर उपलब्ध सामग्री के बीच अंतर सहित टेंडर प्रक्रिया में कई अनियमितताएं दर्ज की गई हैं। रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने निविदा निरस्त करने, संबंधित फर्म शिवम कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट करने और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की है।
पार्षदों की शिकायत के बाद बनी जांच टीम
वार्ड 19 में जिम सामग्री की खरीदी और भुगतान को लेकर नगर पालिका के पार्षदों ने शिकायत की थी। शिकायत के बाद कलेक्टर ने 5 अगस्त को संयुक्त जांच दल गठित किया। टीम में जिला पंचायत सीईओ विजय राज, एसडीएम आनंद सिंह राजावत, जिला कोषालय अधिकारी और सहायक परियोजना अधिकारी शामिल रहे।
जांच टीम ने नगर पालिका से संबंधित मूल नस्ती, निविदा दस्तावेज, ठहराव प्रस्ताव, स्टॉक रजिस्टर और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की। इसके साथ ही कार्यादेश में दर्ज सामग्री का मौके पर भौतिक सत्यापन भी किया गया।
कार्यादेश और मौके की सामग्री में अंतर मिला
जांच के दौरान टीम ने कार्यादेश में उल्लेखित जिम उपकरणों और मौके पर उपलब्ध सामग्री का मिलान किया। रिपोर्ट के अनुसार दोनों में अंतर पाया गया। जांच टीम ने इसके आधार पर खरीदी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और सामग्री की आपूर्ति की स्थिति को भी जांच के दायरे में लिया।
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि पहली बार जारी निविदा को तकनीकी और दर विश्लेषण की प्रक्रिया के बिना निरस्त किया गया। इसके बाद दोबारा निविदा बुलाने पर निविदाकारों द्वारा प्रस्तुत दरों का आइटमवार पर्याप्त परीक्षण नहीं किए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
निविदा प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
रिपोर्ट के अनुसार दूसरी निविदा में प्रस्तुत कुछ दरों को असंतुलित और संदिग्ध बताया गया। जांच दल ने यह भी दर्ज किया कि सक्षम स्वीकृति मिलने से पहले ही संबंधित फर्म को कार्यादेश जारी कर दिया गया था।
रिपोर्ट में तत्कालीन नगर पालिका अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इसमें तत्कालीन उपयंत्री जितेंद्र परिहार, सहायक यंत्री सचिन चौहान, कार्यपालन यंत्री मनोहर वागड़ी और तत्कालीन सीएमओ इशांक धाकड़ की कार्यप्रणाली का उल्लेख करते हुए नियमों के पालन की जांच की गई है।
जांच दल ने पूरी निविदा प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाने की बात अपनी रिपोर्ट में दर्ज की है।
फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा
जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को पत्र भेजकर संबंधित निविदा को निरस्त करने की अनुशंसा की है। साथ ही शिवम कंस्ट्रक्शन को शासकीय कार्यों से ब्लैकलिस्ट करने और मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
अब आगे की कार्रवाई नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग स्तर से की जानी है। विभागीय कार्रवाई और जांच के अंतिम निष्कर्ष के बाद ही संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट होगी।
एसडीएम बोले- जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी
एसडीएम आनंद सिंह राजावत ने बताया कि वे संयुक्त जांच टीम का हिस्सा थे। टीम ने दस्तावेजों और मौके पर उपलब्ध सामग्री का परीक्षण कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। उनके अनुसार कलेक्टर की ओर से कार्रवाई के लिए नगरीय प्रशासन विभाग को पत्र भेजा गया है और आगे की कार्रवाई विभाग स्तर पर होगी।

