शिवपुरी में पार्कों की अनदेखी: माली बंगलों और पार्टी दफ्तरों में तैनात, 30 पार्क बदहाल

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नपा अध्यक्ष के औचक निरीक्षण में 10 कर्मचारी गैरहाजिर मिले, 16 माली पार्कों के बजाय दूसरी जगहों पर कर रहे थे ड्यूटी; स्वीकृत 40 पदों पर सिर्फ 12 स्थायी माली

शिवपुरी। शहर के पार्कों में हरियाली और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए तैनात नगर पालिका के कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि पार्कों की देखरेख करने वाले माली अधिकारियों के बंगलों, जनप्रतिनिधियों के निवास और राजनीतिक कार्यालयों में काम कर रहे हैं। इसका असर शहर के पार्कों की व्यवस्था पर पड़ रहा है। शहर के 61 पार्कों में से 30 से अधिक की हालत खराब बताई जा रही है।



शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने स्वच्छता अधिकारी योगेश शर्मा के साथ सावरकर पार्क का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कर्मचारियों की हाजिरी जांची गई। जानकारी के अनुसार, 84 पार्क कर्मचारियों में से 10 गैरहाजिर मिले, जबकि 16 माली पार्कों के बजाय अन्य स्थानों पर तैनात पाए गए। निरीक्षण के बाद अध्यक्ष ने कर्मचारियों को उनकी मूल जिम्मेदारी पर लौटने के निर्देश दिए। अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ नोटिस और वेतन कटौती की कार्रवाई भी शुरू करने की बात कही गई।


कलेक्टर से लेकर नेताओं के कार्यालयों तक तैनाती -


जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, नगर पालिका के कुछ कर्मचारी अधिकारियों के सरकारी आवासों, जनप्रतिनिधियों के निवास और राजनीतिक कार्यालयों में बागवानी या अन्य काम कर रहे थे।


बताया गया कि कलेक्टर बंगले पर लक्ष्मण कुशवाहा, बनवारी धाकड़ और ओम कुमार; सीएमओ बंगले पर बृजेश, संतोष और रामेश्वर तथा जिला पंचायत सीईओ के बंगले पर ओम प्रकाश की तैनाती बताई गई। शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन के निवास पर राजू, नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा के निवास पर सचिन और विनोद तथा नपा उपाध्यक्ष सरोज-रामजी व्यास के यहां मोनू के काम करने की जानकारी सामने आई।


इसके अलावा पार्षद इस्माइल खान के यहां धर्मेंद्र, भाजपा जिला कार्यालय में मिथुन और बाबूलाल, सिंधिया जनसंपर्क कार्यालय में मोहन और निर्वाचन कार्यालय में सुनील मांझी के तैनात होने की जानकारी दी गई। इन तैनातियों को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।


40 पद स्वीकृत, स्थायी माली केवल 12 -


नगर पालिका में माली के 40 पद स्वीकृत बताए गए हैं, लेकिन स्थायी माली केवल 12 हैं। हाजिरी सूची में 79 कर्मचारियों के नाम दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। स्वच्छता अधिकारी योगेश शर्मा के मुताबिक, सफाई और दैनिक वेतन वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर पार्कों की देखरेख के काम में लगाया गया है।


शहर के 39 वार्डों में कुल 61 पार्क हैं। इनकी सफाई, पौधों की देखभाल और हरियाली बनाए रखने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में पार्कों की हालत खराब होने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


नपाध्यक्ष के घर भी दो माली तैनात मिलने का दावा -


इस पूरे मामले में एक विरोधाभासी स्थिति भी सामने आई। पार्कों के कर्मचारियों की हाजिरी लेने वाली नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा के निवास पर भी नगर पालिका के दो माली तैनात बताए गए। पड़ताल में अखिलेश गोस्वामी सहित दो कर्मचारियों के पार्कों में पौधों की देखभाल के बजाय नगर पालिका कार्यालय में बाबू का काम करने की जानकारी भी सामने आई।


वहीं, निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी यशवंत राठौर मौके पर मौजूद नहीं थे। इन स्थितियों ने कर्मचारियों की तैनाती और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


नपाध्यक्ष बोलीं- अटैचमेंट खत्म, पार्कों में लौटेंगे कर्मचारी -


नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने कहा कि अनुपस्थित मिले कर्मचारियों का वेतन काटने की कार्रवाई की जा रही है। अन्य स्थानों पर अटैच कर्मचारियों को पार्कों में लौटकर काम करने की हिदायत दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी अटैचमेंट खत्म कर दिए गए हैं।



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