एक साल पहले प्रशासन ने हटाया था अतिक्रमण, अब दोबारा ट्रैक्टर चलने से निगरानी पर सवाल; डीएफओ बोले- कार्रवाई कर जमीन पर कराएंगे प्लांटेशन
शिवपुरी। कोलारस तहसील के सुजवाया गांव में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के बाद भी जमीन को सुरक्षित रखने में वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। करीब 40 बीघा जमीन को एक साल पहले अतिक्रमण मुक्त कराया गया था, लेकिन अब उसी भूमि पर दोबारा ट्रैक्टर चलाकर जुताई किए जाने का मामला सामने आया है। इससे सवाल उठ रहा है कि कार्रवाई के बाद वन भूमि की निगरानी किस तरह की जा रही थी और दोबारा कब्जे की कोशिश पर समय रहते रोक क्यों नहीं लगाई गई।
जुलाई 2025 में हटाया गया था कब्जा -
मामला सेसई बीट में हाथीगढ़ा नाले के पास स्थित वन भूमि का है। जुलाई 2025 में तत्कालीन कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी, एसडीएम और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 40 बीघा जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया था। उस समय प्रशासन ने कब्जा हटाने के साथ वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण नहीं होने देने के निर्देश भी दिए थे।
इसके बावजूद अब एक बार फिर इस जमीन पर खेती की तैयारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। ट्रैक्टर से जुताई होने के बाद वन विभाग की पुरानी कार्रवाई और जमीन की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
रेंजर और बीट गार्ड की निगरानी पर सवाल -
इस मामले में सेसई बीट के रेंजर गोपाल सिंह जाटव और संबंधित बीट गार्ड की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। करीब 40 बीघा वन भूमि पर दोबारा जुताई होने तक विभाग को इसकी जानकारी कब मिली और अतिक्रमण की कोशिश रोकने के लिए समय रहते क्या कदम उठाए गए, यह जांच का विषय है।
वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद उसकी सुरक्षा और नियमित निगरानी भी विभाग की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में उसी जमीन पर दोबारा कब्जे की स्थिति सामने आना विभागीय व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत बताता है। हालांकि, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही या भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा।
डीएफओ बोले- कार्रवाई कर लगाएंगे पौधे -
डीएफओ सुधांशु यादव ने बताया कि जुलाई 2025 में इस वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया था। अब उनके संज्ञान में आया है कि जमीन पर फिर से कब्जा होने लगा है। विभाग इस मामले में कार्रवाई करेगा और जमीन पर प्लांटेशन कराने की योजना भी बनाई जा रही है।
अब देखना होगा कि वन विभाग दोबारा अतिक्रमण की स्थिति को रोकने के लिए क्या कार्रवाई करता है और मुक्त कराई गई जमीन को सुरक्षित रखने के लिए स्थायी व्यवस्था कब तक लागू की जाती है।

