शिवपुरी में 14.71 करोड़ रुपए की लागत से मंजूर 93 सड़कों के निर्माण में देरी से नागरिक परेशान हैं। वर्ष 2024 और 2025 में स्वीकृत सड़कों में बड़ी संख्या में काम अब तक अधूरे बताए जा रहे हैं। कहीं सड़कें उखड़ी पड़ी हैं, तो कहीं डामरीकरण का इंतजार है। वहीं, ठेकेदारों के पुराने भुगतान और एग्रीमेंट की प्रक्रिया अटकने से नए काम भी प्रभावित होने की बात सामने आई है।
2024 और 2025 की मंजूर सड़कों का काम अधूरा -
जानकारी के अनुसार, फरवरी 2024 में विधायक देवेंद्र जैन के प्रयासों से कायाकल्प योजना के तहत 3.80 करोड़ रुपए की लागत से 39 सड़कें मंजूर हुई थीं। इनमें से करीब 10 सड़कों का काम अब भी बाकी बताया जा रहा है। इसके बाद वर्ष 2025 में 10.91 करोड़ रुपए की लागत से 54 सड़कों को मंजूरी मिली, लेकिन इनमें से अब तक केवल 10 से 11 सड़कों का निर्माण पूरा होने की जानकारी है।
इस तरह कुल 93 सड़कों के निर्माण को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। शहर के अलग-अलग वार्डों में सड़कें अधूरी होने से रहवासियों और दुकानदारों को रोजाना आवागमन में परेशानी हो रही है। लोग स्थानीय पार्षदों से शिकायत कर रहे हैं, जबकि निर्माण कार्यों में देरी का असर शहर की सड़कों की स्थिति पर दिखाई दे रहा है।
पुराने भुगतान और एग्रीमेंट की समस्या -
निर्माण कार्यों में देरी की एक बड़ी वजह ठेकेदारों के भुगतान लंबित होना बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, नगर पालिका में निकाय निधि से स्वीकृत 50 से अधिक सड़कों के काम अधूरे हैं। कुछ सड़कों का निर्माण पूरा होने के बावजूद उनके बिलों का भुगतान नहीं हो पाया है। ठेकेदारों का कहना है कि भुगतान और अन्य औपचारिकताएं पूरी नहीं होने से नए काम शुरू करने में दिक्कत आ रही है।
नगर पालिका के ठेकेदार रवि कुमार गोयल के अनुसार, उनकी 11 डामर सड़कों के टेंडर फरवरी 2026 में हुए थे। एफडीआर और स्टांप शुल्क जमा करने के बाद भी एग्रीमेंट नहीं हो सका। उनका कहना है कि टेंडर के समय डामर की कीमत करीब 60 रुपए थी, जो अब बढ़कर 100 रुपए तक पहुंच गई है। उन्होंने पुराने काम का लगभग 18 लाख रुपए का बिल और 20 से 25 लाख रुपए की जमा राशि लंबित होने की बात भी कही है।
राजेश्वरी रोड और महल कॉलोनी में उखड़ी सड़कें -
राजेश्वरी रोड और महल कॉलोनी क्षेत्र में छह सीसी सड़कों की हालत खराब बताई जा रही है। इन पर डामरीकरण की जरूरत है, लेकिन काम नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है। प्रभावित मार्गों में जयभारत पैथोलॉजी से आकाश शर्मा के मकान तक, डॉ. सूद के मकान से राजेश्वरी रोड तक, आलोक बिंदल के मकान से महल की बाउंड्रीवॉल तक, डिंपल जैन के मकान से राजेश्वरी रोड तक और थीम रोड से महल की बाउंड्री तक के हिस्से शामिल हैं।
इसी तरह वार्ड क्रमांक 6 के निचले बाजार में सीताराम मंदिर वाली गली में गोपाल राठी के मकान से कस्टम गेट तक की सीसी सड़क पर भी डामरीकरण होना बाकी बताया गया है। सड़क की खराब स्थिति के कारण दोपहिया वाहन चालकों और स्थानीय व्यापारियों को आवाजाही में परेशानी होती है।
वर्ष 2026 के 37 काम भी स्वीकृति के इंतजार में -
विधायक देवेंद्र जैन ने वर्ष 2026 में नगर पालिका के 7.06 करोड़ रुपए के 37 कार्यों का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इनमें 34 सीसी सड़कें, दो नालियां और वार्ड क्रमांक 31 में 15 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण शामिल है। इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने का इंतजार है।
विधायक देवेंद्र जैन ने कहा कि पुराने स्वीकृत कार्य समय पर पूरे नहीं हुए हैं। इस संबंध में पहले भी सीएमओ को पत्र लिखा गया था। अब दोबारा पत्र भेजकर निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने के लिए कहा जाएगा।
वहीं, नगर पालिका के कार्यपालन यंत्री राकेश तिवारी के मुताबिक, परिषद के कार्यकाल में पूरे हुए, शुरू नहीं हुए और भुगतान के इंतजार में पड़े कार्यों की सूची तैयार कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि बचे हुए पांच से छह महीनों में सभी कार्य पूरे कराने का प्रयास किया जाएगा।

