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| फिजिकल ट्रेनर मोनू रजक |
शिवपुरी। शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र में 50 लाख रुपए से ज्यादा की चोरी के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस द्वारा ले जाए गए फिजिकल ट्रेनर मोनू रजक को शनिवार रात करीब 9 बजे छोड़ दिया गया। इसके बाद परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों के मुताबिक मोनू के हाथ-पैर में चोट के निशान थे और पैर में सूजन भी थी। मोनू ने पुलिस पर मारपीट कर चोरी कबूल कराने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। हालांकि, फिजिकल थाना प्रभारी अवनीश सिंह राठौड़ ने मारपीट के आरोपों को गलत बताया है।
कार में बैठाकर ले जाने का आरोप
मोनू रजक ने बताया कि चोरी के मामले में पुलिस पहले भी उससे पूछताछ कर चुकी थी। उसका आरोप है कि इस बार पुलिसकर्मी उसे कार में बैठाकर सुभाषपुरा थाने ले गए थे। वहां उससे चोरी के बारे में पूछताछ की गई। मोनू का कहना है कि इसी दौरान उसके साथ मारपीट की गई और वह बेहोश तक हो गया।
मोनू के मुताबिक, होश में आने के बाद उससे दोबारा चोरी कबूल करने के लिए कहा गया। उसने चोरी करने से इनकार किया तो फिर मारपीट किए जाने का आरोप लगाया। उसका यह भी कहना है कि पुलिस उससे चोरी कबूल कराने के बाद मामले को पारदी गैंग से जोड़ने की बात कह रही थी।
चोरी वाली रात घर पर सोने का दावा
मोनू ने बताया कि जिस रात चोरी हुई, उस समय उसकी पत्नी मायके गई हुई थी। वह शाम करीब 7 बजे अपने घर पहुंचा और सो गया था। रात करीब 9 बजे किसी व्यक्ति के फोन आने पर वह गुना बायपास की तरफ गया था। इसके बाद वापस घर आकर सो गया।
मोनू का कहना है कि चोरी कब हुई और किसने की, इसकी उसे कोई जानकारी नहीं है। उसका आरोप है कि मातादीन अग्रवाल और उनकी पत्नी के कहने पर पुलिस ने उस पर चोरी का शक किया। मोनू के मुताबिक, दोनों ने पुलिस के सामने जहर खाकर जान देने की धमकी भी दी थी।
पत्नी बोली- बिना सबूत मारपीट गलत
मोनू की पत्नी रजनी रजक का कहना है कि उसके पति से पहले भी पुलिस ने पूछताछ की थी, लेकिन इस बार उसके साथ मारपीट की गई। रजनी ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति पर चोरी का शक है तो पुलिस जांच कर सकती है, लेकिन बिना सबूत उसके साथ मारपीट करना गलत है। उसने मामले को लेकर न्यायालय की शरण लेने की बात कही है।
पुलिस बोली- शक के चलते पूछताछ की
फिजिकल थाना प्रभारी अवनीश सिंह राठौड़ ने बताया कि मातादीन अग्रवाल और उनकी पत्नी ने मोनू रजक पर चोरी में शामिल होने की प्रबल आशंका जताई थी। चोरी वाली रात मोनू की गतिविधियों और उसके बयानों में अंतर सामने आने के बाद उससे पूछताछ की गई।
थाना प्रभारी ने मोनू के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के आरोपों को गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि चोरी के मामले में पूछताछ जांच का हिस्सा थी।

