गांधी पेट्रोल पंप की जमीन खाली कराने पहुंचीं नपा अध्यक्ष, जेसीबी के सामने लेटकर कर्मचारियों ने रोका काम; दो घंटे चला विवाद

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जेसीबी के नीचे लेटे कर्मचारी

शिवपुरी। झांसी तिराहा स्थित गांधी पेट्रोल पंप की जमीन को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को उस समय मौके पर पहुंच गया, जब नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा जेसीबी और डंपर लेकर पेट्रोल पंप पहुंच गईं। नगर पालिका की टीम ने पेट्रोल पंप के सामने रास्ते की खुदाई शुरू करने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद कर्मचारियों ने जेसीबी के सामने लेटकर विरोध शुरू कर दिया। विरोध के चलते कार्रवाई रोकनी पड़ी और करीब दो घंटे तक मौके पर गहमागहमी बनी रही।


मौके पर नगर पालिका का सीमित अमला ही नजर आया। सीएमओ यशवंत राठौड़ भी कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद नहीं थे। इसको लेकर नपा अध्यक्ष ने नाराजगी जताई और कहा कि जब जमीन खाली कराने की कार्रवाई तय थी तो पर्याप्त अमला मौके पर होना चाहिए था।


जेसीबी के सामने लेट गए कर्मचारी


नगर पालिका अध्यक्ष के पहुंचने के बाद जेसीबी से पेट्रोल पंप के सामने के रास्ते पर कार्रवाई शुरू करने का प्रयास किया गया। इसी दौरान पेट्रोल पंप के कुछ कर्मचारी जेसीबी के सामने लेट गए और काम रोकने लगे।


कर्मचारियों के विरोध के बाद मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। नगर पालिका की टीम और पेट्रोल पंप कर्मचारियों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। करीब दो घंटे तक चले विवाद के बाद मौके पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।


एक दिन पहले पुलिस बल मांगने का पत्र सामने आया


कार्रवाई से एक दिन पहले सीएमओ यशवंत राठौड़ की ओर से पुलिस अधीक्षक को भेजा गया पत्र भी सामने आया था। इसमें नगर पालिका की प्रस्तावित कार्रवाई के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था।


हालांकि, सोमवार को जब नपा अध्यक्ष जेसीबी और डंपर लेकर मौके पर पहुंचीं तो वहां पुलिस बल नजर नहीं आया। इसको लेकर भी सवाल उठे। सीएमओ की ओर से पहले यह बात कही गई थी कि पुलिस बल मांगने का पत्र नपा अध्यक्ष के दबाव में भेजा गया था।


नपा अध्यक्ष बोलीं- कार्रवाई में सहयोग नहीं मिला


मौके पर गायत्री शर्मा ने कहा कि जमीन को लेकर हाईकोर्ट में नगर पालिका के पक्ष में फैसला आ चुका है। इसके बाद जमीन खाली करने के लिए नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर वह खुद मौके पर पहुंचीं।


अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नगर पालिका का पर्याप्त अमला उनके साथ नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे और गरीब लोगों के अतिक्रमण पर तुरंत कार्रवाई की जाती है, लेकिन बड़े लोगों से जुड़े मामलों में कार्रवाई करने में प्रशासनिक स्तर पर देरी होती है।


पेट्रोल पंप संचालक बोले- मामला सुप्रीम कोर्ट में


पेट्रोल पंप संचालक समीर गांधी का कहना है कि जमीन को लेकर मामला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है। उनके मुताबिक 6 अक्टूबर को मामले में सुनवाई होनी है। उनका कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण आगे की कार्रवाई कानून और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ही होनी चाहिए।


1960 में 25 साल के लिए लीज पर दी गई थी जमीन


नगर पालिका के रिकॉर्ड के अनुसार झांसी तिराहा स्थित जमीन वर्ष 1960 में मैसर्स जय भारत ऑटोमोबाइल्स को 25 साल के लिए लीज पर दी गई थी। इसके लिए 4,472 रुपए प्रीमियम और 279.50 रुपए सालाना किराया तय किया गया था। इसी जमीन पर बाद में पेट्रोल पंप संचालित होने लगा।


लीज अवधि पूरी होने के बाद जमीन खाली नहीं होने को लेकर नगर पालिका और पेट्रोल पंप संचालक के बीच विवाद चल रहा है। अब मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। ऐसे में 6 अक्टूबर की सुनवाई के बाद जमीन को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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