शिवपुरी। कोटा-झांसी फोरलेन हाईवे पर शिवपुरी से झांसी के बीच सड़क मरम्मत को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। करीब 100 किलोमीटर के इस हिस्से में बारिश के बाद कई जगह सड़क पर गड्ढे हो गए थे। इन्हें भरने के लिए कुछ स्थानों पर डामर और गिट्टी की जगह पेवर ब्लॉक लगाए गए। अब दो-तीन महीने के भीतर कई जगह ये ब्लॉक उखड़ने लगे हैं और दोबारा गड्ढे नजर आने लगे हैं। इससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक शिवपुरी से झांसी के बीच करीब 400 स्थानों पर पैचवर्क किया गया था। करैरा से दिनारा के बीच कई जगह मरम्मत ज्यादा खराब स्थिति में दिखाई दे रही है। हालांकि, पेवर ब्लॉक क्यों लगाए गए और यह काम किस प्रक्रिया के तहत किया गया, इसकी पूरी जानकारी संबंधित विभाग से लेना बाकी है।
बारिश के दौरान की गई थी मरम्मत
जानकारी के मुताबिक बारिश के दौरान हाईवे पर कई जगह गड्ढे हो गए थे। ऐसे समय में सड़क की तत्काल मरम्मत के लिए कुछ स्थानों पर पेवर ब्लॉक लगाए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत में सड़क समतल दिखाई दे रही थी, लेकिन लगातार बारिश और भारी वाहनों की आवाजाही के बाद ब्लॉक अपनी जगह से निकलने लगे।
अब कई स्थानों पर पेवर ब्लॉक के बीच खाली जगह बन गई है। कुछ जगह ब्लॉक पूरी तरह हट चुके हैं और वहां फिर से गड्ढे बन गए हैं। सड़क पर फैली गिट्टी और धूल के कारण दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है।
करैरा-दिनारा के बीच स्थिति ज्यादा खराब
स्थानीय लोगों का कहना है कि करैरा से दिनारा के बीच हाईवे के कई हिस्सों में पैचवर्क खराब हो चुका है। दिनारा निवासी अभिषेक शर्मा ने बताया कि उन्होंने हाईवे पर इस तरह पेवर ब्लॉक से पैचवर्क पहले नहीं देखा। उनके मुताबिक, मरम्मत के कुछ समय बाद ही ब्लॉक उखड़ने लगे हैं और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों ने हाईवे प्रबंधन से मांग की है कि जिन स्थानों पर मरम्मत खराब हो चुकी है, वहां दोबारा स्थायी तरीके से पैचवर्क कराया जाए। उनका कहना है कि सड़क पर गड्ढों के कारण रात के समय हादसे का खतरा ज्यादा रहता है।
लाखों के खर्च पर भी स्थायी समाधान नहीं
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि हाईवे की मरम्मत पर लाखों रुपए खर्च किए गए हैं, लेकिन कई जगह सड़क की स्थिति दोबारा खराब हो गई। हालांकि, मरम्मत कार्य पर हुए वास्तविक खर्च और बिल की जानकारी संबंधित विभाग से आधिकारिक रूप से सामने आना बाकी है।
ऐसे में मुख्य सवाल यह है कि पेवर ब्लॉक को कितने समय के लिए और किस परिस्थिति में लगाया गया था। साथ ही, जहां ये ब्लॉक उखड़ गए हैं वहां अब स्थायी मरम्मत कब कराई जाएगी।
NHAI प्रोजेक्ट इंचार्ज बोले- बारिश में इमरजेंसी मरम्मत थी
मामले में NHAI के प्रोजेक्ट इंचार्ज प्रशांत मीणा ने बताया कि बारिश के दौरान तत्काल राहत के लिए पेवर ब्लॉक लगाए गए थे। उस समय डामर और गिट्टी से काम करना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि पूरे हाईवे का निरीक्षण कराया जाएगा और जहां भी गड्ढे मिलेंगे, उन्हें ठीक कराया जाएगा।
फिलहाल हाईवे पर कई जगह पेवर ब्लॉक उखड़ने के बाद सड़क फिर खराब हुई है। अब विभाग की ओर से दोबारा निरीक्षण और मरम्मत का आश्वासन दिया गया है।


